किताबें जिनसे आप अपने बच्चों की 'रीडिंग हैबिट' विकसित कर सकते हैं

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ये बात सही है कि किताबों से बेहतर कोई दोस्त नहीं होता है। क्योंकि किताबें आपसे कभी कुछ लेती नहीं है बल्कि हमेशा देती है। ऐसे कई शोध हुए है जिसमें साबित हुआ है कि बच्चों में किताब पढ़ने की आदत से उनकी पर्सनैलेटी में कई सकारात्मक बदलाव आते है। किताबें पढ़ने से बच्चों को भाषा की गहराई सीखने में मदद मिलने के साथ ही मस्तिष्क का विकास भी होता है। इसके अलावा बच्चों की कम्यूनिकेशन स्किल भी बेहतर होती है। यदि बचपन से ही बच्चों को किताबों से जोड़ा जाए तो वे बड़े होकर अच्छा मुकाम हासिल करते है। आज हम आपको बच्चों में किताबें पढ़ने की रुचि विकसित करने के फायदों के बारे में बताने जा रहे है।

बच्चों में किताबें पढ़ने की रुचि कैसे विकसित करें-

मोबाइल गेम्स और टेक्नोलॉजी के इस दौर में बच्चे किताबों से दूर हटते जा रहे है। ऐसे में किताबों से उनकी दोस्ती कराना मुश्किल होता जा रहा है। हालांकि सही मार्गदर्शन से बच्चों को किताबों से जोड़ा जा सकता है। यदि आप अपने बच्चों में किताबें पढ़ने की रुचि विकसित करना चाहते है तो ये तरीके अपना सकते है-

1. बच्चों में किताब पढ़ने की आदत डालने के लिए उन्हें सबसे पहले भाषा के आनंद से रूबरू कराएं। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण गतिविधि है कहानी पढ़कर उन्हें सुनाएं। इससे बच्चों को कहानी के पात्रों से जुड़ने और उनसे उनके अनुभव को साझा करने का मौका मिलेगा।

2. बच्चों को अच्छी किताबों और उनके लेखकों के बारे में बताएं। इससे बच्चों को किताबों के बारे में जानकारी मिलेगी साथ ही लेखकों के बारे में जानकारी से बच्चे किताब पढ़ने में रुचि लेंगे।

3.बच्चों में किताब पढ़ने की रुचि विकसित करने के लिए शुरुआत में कविताएं, पंचतंत्र की कहानियों, और बाल साहित्य से शुरू करें। एक बार बच्चों में किताब पढ़ने की रुचि विकसित हो गई तो वे खुद ही अपनी दिलचस्पी से किताबों के विषय पसंद करने लगेंगे।

4. छोटे बच्चों या शिशुओं के लिए पक्के और मोटे कवर वाली रंगीन किताबें चुने ताकि देखने में वे आकर्षक और कलरफुल लगे। छोटे बच्चों को रंग-बिरंगी चीजें बहुत आकर्षित करती है। ऐसे में यदि उनकी किताबें रंगीन और कार्टून वाली होंगी तो उनकी दिलचस्पी बढ़ जाएगी।

5. किताबों में रुचि विकसित करने के लिए बच्चों को कहानियां या कविताएँ पढ़कर सुनाएं। पढ़ते समय भावपूर्ण रहें ताकि आप पढ़ने और किताबों के बारे में उत्साहित दिखें। आपके ऐसा करने से बच्चा भी आपके जैसा ही सोचेगा और उसमें किताबों को लेकर दिलचस्पी जागेगी।

6. यदि बच्चे मोबाइल और टेबलेट से पढ़ना चाहते हैं तो ऑनलाइन अच्छी किताबें उपलब्ध है। आप बच्चों की स्क्रीन टाइम फिक्स करके उन्हें ऑनलाइन किताबें पढ़ा सकते है। हालांकि विशेषज्ञों द्वारा फिजिकल किताबें ही पढ़ने की सलाह दी जाती है।

बच्चों के पढ़ने लायक बेहतरीन किताबें –

बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषा में ढेर सारी किताबें उपलब्ध है। लेकिन यहां पर हम कुछ उन चुनिंदा हिंदी की किताबों की जानकारी लेकर आए है जिसको लेकर विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को पढ़ने की सलाह दी जाती है। बच्चों को पढ़ाएं ये बाल किताबें -

1. पंचतंत्र

2. हितोपदेश

3. जातक कथाएं

4. उपनिषद की कथाएं

5. बेताल पच्चीसी

6. कथासरित्सागर

7. सिंहासन बत्तीसी

8. तेनालीराम की कहानियां

9. शुकसप्तति

10. बाल कहानी संग्रह

11. बाजार की सैर

12. श्रीमति ऊनवाला के अजीब स्वेटर

13. क्यूँ-क्यूँ लड़की

14. अनोखे उपहार

15. बेटी करे सवाल

बच्चों में किताबें पढ़ने में रुचि विकसित करने के लाभ –

हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में किए गए एक शोध में पाया गया कि जो बच्चे ई-बुक से पढ़ते है उनका ध्यान टेक्नोलॉजी और मोबाइल पर रहता है। जबकि किताब पढ़ने वाले बच्चों में अधिक मानसिक विकास देखा गया है। यदि आप अपने बच्चे को किताब पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे तो आपको उसमें कई सारे गजब के बदलाव देखने को मिलेंगे। सामान्य तौर पर किताबें पढ़ने से बच्चों को ये फायदे होते है-

1.कम्युनिकेशन स्किल बेहतर बनाने में मदद-

बच्चों में यदि आप किताबें पढ़ने में रुचि विकसित करेंगे तो उनकी कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होती जाएगी। किताबें पढ़ने से भाषा के ज्ञान के साथ ही गहराई के शब्द सीखने में मदद मिलती है। इसके अलावा किताबें पढ़ने वाले बच्चों में बड़ों से बात करने की झिझक भी दूर होती है।

2.दिमाग की एक्सरसाइज-

टीवी देखने और गेम खेलने के मुकाबले किताबें पढ़ना एक मुश्किल काम है। किताब पढ़ने से दिमाग की एक्सरसाइज होती है और इससे दिमाग तेज होता है।

3.लैंग्वेज स्किल सीखने में मदद -

किताबें पढ़ने से शब्दकोश के साथ ही लैंग्वेज स्किल सीखने में मदद मिलती है। बच्चे नए-नए शब्द सीखते हैं, कोई वाक्य किसी तरह से बना है वो समझने की कोशिश करते है। किस शब्द को कैसे अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करना है यह भी बच्चे किताबों से ही सीखते है।

4.स्कूल में परफॉर्मेंस बेहतर बनाने में मदद-

जिन बच्चों में किताबें पढ़ने की आदत होती है, वे स्कूल में दूसरों की अपेक्षा बेहतर परफॉर्मेंस करते है। किताबें पढ़ने से विषय को सीखने और समझने की क्षमता विकसित होती है जिससे बच्चे स्कूल में अपना सर्वश्रेष्ठ देते है।


5.पढ़ने से बच्चे संवेदनशील बनते है -

किताबें पढ़ने से बच्चों की संवेदना बढ़ती है। कहानियों में दिए पात्रों और घटनाओं को पढ़ने के दौरान बच्चे उनके साथ सहानुभूति महसूस करते है। जिससे वे संवेदनशील बनते है।

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