क्या गर्भावस्था के दौरान योग करना सही है?

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मां बनना किसी सपने के सच होने से कम नहीं है....

ये आपको अहसास दिलाता है कि अब आपको एक नन्ही सी जान का भी ख्याल रखना है।

लेकिन आपकी जिम्मेदारी मां बनने के बाद नहीं बढती हैं बल्कि गर्भावस्था को दौरान ही शुरु हो जाती है।

ये बहुत ही जरुरी है कि आप अपने शरीर का ध्यान रखें।

ऐसे में बहुत सी महिलाएं योग करने को काफी अच्छा मानती है। और बात काफी हद तक सही भी है लेकिन आपको ये भी पता होना चाहिये कि आपको कौन से योग करने हैं और कौन से नहीं।

गर्भावस्था के दौरान योग के फायदे –

गर्भावस्था को दौरान योग करने के बहुत से फायदे होते है और इसीलिये बहुत सी जागरुक माँ योग करती है। लेकिन इसके साथ ही बहुत सी सावधानी बरतना भी बहुत ही जरुरी है। चाहे शारिरीक हो या फिर मानसिक तनाव इन दोनो को ही बहुत हद तक कम किया जा सकता है योग करने से। योग गर्भावस्था के दौरान करना ना केवल मां के लिये बल्कि शिशु के लिये भी काफी फायदेमंद होता है।

क्या आपको योग करना चाहिये गर्भावस्था के दौरान –

बहुत सी औरतें इस बात को लेकर असमंजस में रहती है कि उन्हें गर्भावस्था के दौरान योग करना चाहिये या फिर नहीं। स्टडी के अनुसार गर्भावस्था के दौरान योग करना काफी सुरक्षित रहता है। ये और भी बेहतर होगा अगर आप अपने डाक्टर के साथ इस बारें में सलाह ले लें। वो आपकी जांच करने के बाद आपको ये बहुत ही अच्छी तरह से बता सकते हैं कि आपको योग करना चाहिये या नहीं। इसके अलावा वो आपको इस बारें में काफी अच्छी सलाह दे सकते हैं कि कौन से योग आपके लिये सही रहेंगें और कौन से आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं ।

  • त्रिकोणासन – एक बहुत ही अच्छा आसन

गर्भवती महिलाओं के लिये ये आसन बहुत ही ज्यादा अच्छा माना जाता है। अगर आप भी इस आसन को करने की सोच रही हैं तो आइये जानते हैं इसे और भी गहराई से -

त्रिकोणासन – क्यूं ये बहुत ही फायदेमंद

ये आसान बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। सबसे अच्छी बात ये है कि ये आपके पाचन शक्ति को बढाने के लिये बहुत ही ज्यादा अच्छी एक्सरसाइज मानी जाती है। इस आसान को करने से आपका शरीर एक तो बहुत ही लचीला हो जाता है जो की बहुत ही जरुरी है आपके शिशु के लिये।

कैसे करें त्रिकोणासन

इस आसान को करना बहुत ही आसान है। इसके लिये आपको बस सीधे खडे होना है और अपने पैरो को आपस में जोड़ लेना है। सबसे अच्छी बात ये है कि आपके दोनों हाथ शरीर के साथ सटे हुये होने चाहिये। उसके बाद आप अपने पैरो को धीरे-धीरे फैला सकते हैं। आपको एक बात का बहुत ही ज्यादा ध्याना रखना है कि आपके दोनो पैर एक-दूसरे की सीध में होने चाहिये। इसके बाद आपको अपने दोनों हाथों को शरीर से दूर फैलाना है और उन्हें अपने कंधो के संमानातर लेकर आना है। अब इसके बाद आपको अपने बाँए पैर को बाहर निकालते हुये इसे मोडना है।

इसके बाद थोडी देर के लिये उसी मुद्रा में बने रहें और थोड़ा सुस्ताते हुये गहरी सांस ले। अब अपने बांए हाथ को झुकाते हुये जमीन को छुने की कोशिश करें। और इसे करते हुये आप अपने सीधे हाथ को ऊपर ऊठा सकती है। आप अपने सिर को बांई तरफ ही झुका कर रख सकते हैं और इसमें कोई भी दिक्कत की बात नहीं है। आप चाहें तो कुछ सेकंड के लिये रुके भी रह सकते हैं। अब आप धीरे-धीरे अपनी सांस छोडे और पहले वाली पोजिशन में आने की कोशिश करें। अब यही पूरी प्रक्रिया आपको दूसरी तरफ भी करनी है।

  • मत्सय क्रीडासन – पाचन क्रिया के लिये बहुत ही ज्यादा फायदेमंद

इस आसन को करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे आपकी पाचन क्रिया बहुत ही ज्यादा मजबूत बनती है। इस आसन को करने से आपको कब्ज से काफी हदतक आराम मिलता है। आप खुद को बहुत ही ज्यादा तरोताजा और स्वसथ महसूस करती है। इस आसन को करने का सबसे बड़ा फायदा ये भी है कि ये आपकी नसो को बहुत ही ज्यादा आराम देता है।

कैसे करें ये आसन –

ये आसान करना बिल्कुल भी मुशिकल नहीं है। बल्कि ये काफी ज्यादा आसान है। इसके लिये बस आपको योग मैट पर लेट जाना है और वो भी पेट के बल। ये करते समय आपको थोड़ा सा ज्यादा ध्यान रखना है। इसीलिये इसे धीरे-धीरे करें।

आपको दोनों हाथों की उंगलियों को धीरे से आपस में फंसा लेना है। अब आपको अपनी हथेलियों को अपनी लेफ्ट साइड यानी की बायीं और रखना है। ध्यान रहें कि आपको अपना सिर दायीं तरफ रखना है।

इसके बाद आप अपने बाँए घुटनो को मोडते हुये इसे कमर तक लेकर आना है। और इसके बाद आपको अपनी बाई कोहनी को घुटने के पास लाना है। जब आप ये कर रहो हों तो आपको ये याद रखना है कि आपका दायां पैर बिल्कुल सीधा रहें। इस आसन को करते समय आपको अपनी सांस को सामान्य रखना है। अब थोड़ी देर उसी स्थिति में लेटे रहे और पूरी दूसरी तरफ भी यही प्रक्रिया आपको करनी हैं।

  • वीरभद्र आसन –

गर्भावस्था को दौरान ये आसन बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। इसे करना और भी बहुत ही ज्यादा आसान है। इसके लिये आपको बस अपने दायें पैर को आगे रखना है और सामान्य स्थिति में अपने शरीर को रखना है। अपने हाथों को सामने की ओर रखना है आपको। इसके बाद आपको अपने दाएं घुटने को बस थोड़ा सा मोडना है और फिर पिछले पैर को पूरी तरह से सीधा रखना है। इसके अलावा आपको अपना तलवा जमीन से सटा कर रखना है।

आपको ये आसन करते समय गहरी सांस लेनी है और अपने हाथों को धीरे-धीरे से अपने सिर के ऊपर ले जाना चाहिये। हाथ नमस्कार की मुद्रा भी आपको बनानी है। इसके बाद आपको अपने हाथों को पीछे की ओर लेकर जाना है और ध्यान रहें की आपकी पीठी बिल्कुल सीधी बनी रहें।

और इसके बाद आपको अपने हाथों को नीचे की ओर लाना है और धीरे-धीरे से अपनी सांस छोडनी है। आपको इसके बाद अपने घुटनों को पूरी तरह से सीधा करना है। आप अपने पैरो को पूरी तरह से मिला लीजिये और फिर दूसरी तरफ से भी ऐसा ही करना है।

कौन से योग आपको गर्भावस्था में आपको नहीं करने हैं –

आपको ये भी काफी हदतक ध्यान में रखना है कि कौन से योग आपको बिल्कुल भी नहीं करने है। जी हां, कुछ योगा गर्भावस्था में बिल्कुल भी ना करें। आपको नौकासन, चक्रासन, भुजंगासन, अर्धामत्सयोंद्रासन, हलासना, विपरित शलभासन जैसे योग बिल्कुल भी नहीं करने चाहिये। ये गर्भावस्था में अच्छे नहीं होते हैं।

गर्भावस्था में कब आपको नहीं करना है योग –

माना कि योग करना अच्छा है लेकिन ये भी समझना बहुत जरुरी है कि कब आपको गर्भावस्था में योग नहीं करना है।

  • आप योग बिल्कुल ना करें अगर आपको हार्ट या फिर फेफड़ों से जुड़ी किसी भी तरह की को कोई दिक्कत हैं। आपको अपने डाक्टर की सलाह जरुर लेनी चाहिये ताकि आपको ये पता चला सके कि किस तरह के योग आप कर सकते हैं।
  • आपको योग उस स्थिति में भी नहीं करना चाहिये अगर गर्भाशय ग्रीवा की अपर्यापतता है तो।
  • इसके अलावा आपको तब भी योग नहीं करने चाहिये अगर संभावना है कि आपको जुड़वा या फिर दो से ज्यादा बच्चे होने की संभावाना है। क्योंकि डाक्टरों को इस बात की संभावन होती है कि आपकी डिलीवरी समय से पहले हो सकती है।
  • अगर गर्भावास्था को दौरान आपको दूसरी तिमाही या फिर तीसरी तिमाही में ब्लीडिंग होती है तो भी आपको योग से दूरी बना लेनी चाहिये।
  • डाक्टर ये भी कहते है कि महिलाओं को प्रेग्नेंसी को 26 वें हफ्ते के बाद भी प्लेसेंटा प्रीविया को दौरान भी योग नहीं करना चाहियें।
  • अगर आपको गर्भवस्था को दौरान हाई बीपी की समस्या होती है तो भी आपको योग बिल्कुल नहीं करना चाहिये।
  • एनीमिया होने पर भी योग करना बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता है।

आपको इन सभी ऊपर बतायी गयी बातों को ध्यान में रखना है ताकि आपको किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो। ये आपके और आपके होने वाले बच्चे की सेहत के बारे में है और इसीलिये आपको बहुत ही ज्यादा सावधानी बरतने की जरुरत है।

गर्भावस्था के दौरान किस तरह कि दिक्कतों को सामना करना पड सकता है-

अगर आप डाक्टर की सलाह नहीं लेते हैं गर्भावस्था के दौरान योग करने पर तो आपको कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिये बहुत जरुरी है कि आप अपने डाक्टर की सलाह जरुर लें। उनकी अनुमति मिलने के बाद ही आपको योग शुरु करना चाहिये। उनके द्वारा बतायी बातों का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी हैं।

अगर बात करे कि किस तरह की समस्याओं का सामना आपको करना पड़ सकता है तो उसमे से ये प्रमुख हैं –

  • इससे आपके शिशु की मूवमेंट में कमी आ सकती हैं
  • आपको चक्कर आने की शिकायत हो सकती हैं
  • आप बेहोशी महसूस हो सकती है
  • आपको सिरदर्द हो सकता है
  • आपकी पिंडलियों में दर्द हो सकता है
  • आपकी योनि से खुन आ सकता है
  • आपके सीने मे दर्द की समस्या हो सकती है
  • आपकी सांस फूल सकती है

अगर ऐसा कुछ होता है तो आपको अपने डाक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिये। किसी भी परेशानी को हल्के में ना लें।

और अंत में –

हम आशा करते हैं कि ये आसन आपके लिये बहुत ही फायदेमंद रहेंगें। लेकिन फिर भी आपको एक बार डाक्टर की सलाह जरुर ले लेनी चाहिये।

 

 

 

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