व्रत में बनाएं कूट्टू की आटे की पूरी

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नवरात्र की शुभ घड़ी चल रही है। ऐसे में दो तरह के लोग होते हैं, एक वो जो नवरात्र का व्रत रखते हैं और दूसरे वो जो इस त्योहार में अपनी हर मन-पसंद की चीज खाते हैं। लेकिन जो लोग व्रत रख रहें हैं उन्हें उदास होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। बेशक नवरात्र में अनाज नहीं खाया जाता, लेकिन व्रत करने वालों के लिए पकवान के कई विकल्प मौजूद हैं जो अनाज से नहीं बनते हैं। आप इन पकवान को बड़े आसान तरीके से बनाकर खा सकते हैं। 

अनाज के बदले नवरात्र में भक्तजन कूट्टू या सिंघारे के आटे से बने पकवान खा सकते हैं। ये खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं। आज हम इस लेख में कूट्टू के आटे से गरमा-गरम पूरियां बनाने की रेसिपी सीखेंगे। कूट्टू के आटे की पूरियां बनाना बिल्कुल मुश्किल नहीं है, लेकिन इसे बनाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इन टिप्स के बारे में हम आगे बात करेंगे। सबसे पहले आइए देखें कूट्टू के आटे की पूरियां बनाने के लिए आपको किन सामग्री की जरूरत पड़ेगी।

कूट्टू के आटे की पूरियां बनाने के लिए सामग्री (एक व्यक्ति के लिए)

कूट्टू का आटा - एक या दो छोटी कटोरी 

एक उबला हुआ आलू

सेंधा नमक

तेल या शुद्ध देसी घी

कूट्टू के आटे की पूरियां बनाने में लगने वाला समय 

एक घंटे के भीतर बन जाने वाली कूट्टू के आटे की पूरियां खाने में बेहद स्वादिष्ट और बनाने में बेहद आसान होती हैं।

कूट्टू के आटे की पूरियां बनाने की विधि

कूट्टू के आटे की गरमा-गरम और स्वादिष्ट पूरियां बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में आटा ले लें। ध्यान रखें अगर आप एक व्यक्ति के लिए पूरियां बनाना चाह रहें हैं तो आटा थोड़ा-सा ही लें। दूसरी तरफ आलू को उबलने के लिए रख दें। 

जब आलू उबल जाए तो कूट्टू के आटे, आलू और जरा से सेंधा नमक को एक कटोरी में लें। नवरात्र में सेंधा नमक ही खाया जाता है, आप आम दिनों में साधारण नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

अब आटे, आलू और सेंधा नमक को एक साथ मिलाकर, इसका आटा गूँथ लें। ध्यान रखें, इस आटे को गूँथने के लिए पानी का इस्तेमाल न करें। यह आटा आलू की मदद से बेहतर तरीके से गूँथा जाता है। जब आटा गूँथ जाए तो इसे दस मिनट के लिए ढंककर रेस्ट करने दें।

दस मिनट के बाद एक तरफ कड़ाही में तेल गरम करने के लिए चढ़ा दें। जब तक तेल गरम हो रहा हो, तब तक आप आटे से लोइयाँ काट लें। आटे की एक लोई को हाथ में लेकर गोल बनाएं। यह स्टेप बिल्कुल वैसे करना है जैसे आप साधारण रोटी की लोई को हथेली के बीच गोल करते हैं।

इस लोई को चकले पर रखकर हल्के हाथों से पलट-पलट कर बेलें। ध्यान रखें, बेलते समय पूरी टूट भी सकती हैं तो हाथों को आराम से ही चलाएं।

इस वक्त तक कड़ाही में रखा तेल गरम हो चुका होगा। तेल की गर्माहट चेक करके, अब इस तेल में बेली हुई पूरी को डुबाएं और चम्मच से हल्के-हल्के दबाकर फुलाएं। इसे अलट-पलट कर पकाएं। जब पूरी दोनों तरफ से लाल हो जाएं तो इसे बाहर निकाल लें।

अब इसे गरमा-गरम व्रत वाली दही-आलू की सब्जी या व्रत वाली किसी भी सब्जी के साथ सर्व करें। इसके साथ साबूदाने की खीर मिल जाएं तो फिर तो बात ही निराली होगी।

कूट्टू के आटे की पूरियां बनाते वक्त के लिए कुछ टिप्स 

  • कूट्टू के आटे की पूरियां बनाने के लिए आलू मिलाना बेहद जरूरी है। कूट्टू के आटे में आलू मिलाने से इसकी बाइंडिंग अच्छी तरह होती है।
  • इस आटे में पानी मिलाने से आप पूरियां अच्छे से बेल नहीं पाएंगें या आटा गीला भी हो सकता है।
  • बिना रेस्ट दिए आटे की पूरियां बनाने से, ये टूटने लग सकती हैं।
  • आप चाहे तो इसमें धनिया के पत्ते और काली मिर्च भी मिला सकते हैं।
  • बाइंडिंग बेहतर करने के लिए आप इसमें थोड़ा-सा सिंघारे का आटा भी मिला सकते हैं।
  • पूरियों को छानने के लिए आप तेल की जगह शुद्ध देसी घी का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • चकले पर बेलने की जगह आप इसे अपनी उंगलियों की मदद से भी चपटा कर सकती हैं। बेलने के दौरान कई बार पूरी के टूटने का डर होता है।
  • तेल अच्छी तरह गरम हो तभी उसमें पूरी डालें वरना पूरी फूलेगी नहीं। दूसरी पूरी बेलने के वक्त आप गैस को धीमा कर सकते हैं।
  • वैसे तो कूट्टू के आटे की पूरियां यूं भी खाने में स्वादिष्ट लगती है लेकिन डबल जायके के लिए इसे व्रत वाली किसी भी सब्जी के साथ सर्व करें।

सारांश

कूट्टू के आटे की पूरियां खासतौर पर नवरात्र के समय खाने का प्रचलन है। इस आटे से बनने वाली पूरियों का स्वाद बेहद अलग और लजीज होता है। नवरात्र के व्रत के दौरान अगर आपका भी मन कुछ अच्छा खाने का हो रहा है तो बनाएं कूट्टू के आटे की पूरियां, बेहद कम समय में और बेहद आसानी से।

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